माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के संबंध का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.71366/ijwos03092668351Keywords:
कीवर्डः आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता, व्यक्तित्व विकास, किशोरावस्था, बहिर्मुखता, सहमतिशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, भावनात्मक स्थिरता, अनुभवों के प्रति खुलापन।
Abstract
सारांश
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों में आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के स्तर का अध्ययन करना तथा आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता और व्यक्तित्व के पाँच प्रमुख आयामों-बहिर्मुखता, सहमतिशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, भावनात्मक स्थिरता तथा अनुभवों के प्रति खुलापन-के बीच संबंध का पता लगाना था। अध्ययन में मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के 16 माध्यमिक विद्यालयों की कक्षा 9 एवं 10 में अध्ययनरत 1120 विद्यार्थियों, जिनमें 560 छात्र एवं 560 छात्राएँ थीं, को नमूने में सम्मिलित किया गया। वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। आँकड़ों के संकलन हेतु शोधकर्ता द्वारा निर्मित एवं मानकीकृत आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता मापनी तथा ओ. पी. जॉन, ई. एम. डोनाह्यू एवं आर. एल. केंटल द्वारा विकसित बिग फाइव व्यक्तित्व सूची का प्रयोग किया गया। आँकड़ों का विश्लेषण आवृत्ति, प्रतिशत, माध्य, मानक विचलन तथा पियर्सन के उत्पाद-क्षण सहसंबंध गुणांक के माध्यम से किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि 3 प्रतिशत विद्यार्थियों में उच्च, 64 प्रतिशत में मध्यम तथा 33 प्रतिशत में निम्न स्तर की आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता पाई गई। आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता का बहिर्मुखता, कर्तव्यनिष्ठा तथा अनुभवों के प्रति खुलापन के साथ धनात्मक एवं सार्थक संबंध तथा भावनात्मक स्थिरता के साथ ऋणात्मक एवं सार्थक संबंध पाया गया, जबकि सहमतिशीलता के साथ कोई सार्थक संबंध नहीं पाया गया। अतः शून्य परिकल्पना आंशिक रूप से अस्वीकृत हुई। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों के साथ आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता का महत्वपूर्ण संबंध है।
Downloads
Published
Issue
Section
License

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.


